
राम-रावण युद्ध के साथ गोपीपुर की एतिहासिक मेला का समापन

कलयुग में प्रभु श्री राम का नाम स्मरण सबसे सरल साधन है : ज्ञान प्रकाश
जौनपुर। सिरकोनी ब्लॉक के कज़गांव क्षेत्र के गोपीपुर गांव में एक सप्ताह से चली आ रही 178वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बुढ़वा बाबा रामलीला समिति का समापन शुक्रवार मेला के साथ हुआ। विजयदशमी मेला का आयोजन गांव के पंचकुटी रामजानकी हनुमान मंदिर बसावन तारा बागीचा में हुआ। मेले में राम-रावण का युद्ध देखने के लिये हजारों लोग दूर-दराज क्षेत्र से आये जहां श्रीराम व लक्ष्मण को श्रद्धालु कंधों पर बैठाकर पूरे मेले का चक्रमण कराये।मेले में जय श्रीराम का जयकारा लगता रहा जिसके बाद एक रथ पर राम-लक्ष्मण सवार हुये जहां दूसरे पर रावण सवार हुआ। दोनों में भयंकर युद्ध हुआ जहां श्रीराम ने ब्रह्मास्त्र चलाकर दशानन रावण का वध किया। राम के बाणों से रावण का पुतला धूं-धूंकर जलने लगा जहां पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके पूर्व मेले का शुभारम्भ मंदिर के पुजारी फलाहारी बाबा बजरंगी दास त्यागी, समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह,अपना दल(एस) के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली व ग्राम प्रधान आरती अखिलेन्द्र सिंह ने श्रीराम व लक्ष्मण की आरती उतारकर की। इस मौके पर समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि मेरी तरफ से जो भी रामलीला में मदद होगी मैं करने को हमेशा तत्पर रहूंगा। आगे उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम का जीवन त्याग,सत्य, मर्यादा,करुणा और कर्तव्यनिष्ठा की अनुपम मिसाल है, कलयुग में प्रभु श्री राम का नाम स्मरण सबसे सरल साधन है।
मेले में बच्चों व महिलाओं ने जमकर खरीदारी की।इस अवसर पर शिवा सिंह रघुवंशी,धीरज सिंह,सूर्यभान सिंह,पूर्व प्रधान मनोज सिंह,संजय यादव,रोहित सिंह,बचानू सिंह,संजू गुप्ता, संचालक अमित सिंह जुगनू पीयूष सिंह विभु,शिवा सिंह,प्रभाकर सिंह,हरिकेश सिंह,अजय सिंह,विपिन सिंह पिंटू, रिंकज सिंह, रजनीश चौबे, सत्य प्रकाश सिंह,बिरजू सिंह,सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। अन्त में रामलीला समिति के संरक्षक रविन्द्र बहादुर सिंह , प्रबंधक संतोष सिंह दादा व डायरेक्टर पप्पू महाजन ने मेले में आये सभी लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
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