
सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

आचार संहिता और कोविड नियमों के उल्लंघन के चार साल पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट की कार्रवाई, पेशी से छूट की अर्जी खारिज
जौनपुर। विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 गाइडलाइंस के उल्लंघन के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।
मामले के अनुसार, 17 फरवरी 2022 को मछलीशहर थाने में तत्कालीन सपा प्रत्याशी डॉ. रागिनी सोनकर, सरवर राईन, मोहम्मद मुस्ताक, राजेश यादव, कैलाश सोनकर और 100 से 125 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि चुनाव के दौरान समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर आवागमन बाधित किया गया और निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा कोविड नियमों का उल्लंघन हुआ।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मामला आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए नियत हुआ। पिछली तारीख पर अदालत ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
शनिवार को सुनवाई के दौरान सरवर राईन और मोहम्मद मुस्ताक अदालत में उपस्थित हुए, जबकि डॉ. रागिनी सोनकर और कैलाश सोनकर की ओर से पेशी से छूट का प्रार्थना पत्र दिया गया। अर्जी में विधानसभा की बैठक के सिलसिले में लखनऊ जाने के कारण उपस्थित नहीं हो पाने की बात कही गई। अदालत ने छूट और सुनवाई स्थगित करने की मांग स्वीकार नहीं की तथा अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
नहोरा इंटर कॉलेज में एमएलसी चुनाव को लेकर जनसंपर्क, भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपीलइस कार्रवाई के बाद चार साल पुराने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सुनवाई फिर चर्चा में आ गई है।






