
पिता की उंगली पकड़कर नौकरी ज्वाइन करने आई थीं साधना, 23 साल बाद उसी उंगली को थाम भावुक होकर हुईं विदा

वाराणसी। सिगरा स्थित सिंचाई कॉलोनी वरुणापुरम में अधीक्षण अभियंता, लिफ्ट सिंचाई मंडल वाराणसी के कार्यालय में सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। विभाग में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत साधना श्रीवास्तव 23 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद 60 वर्ष की अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत माल्यार्पण के साथ हुई। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह ने साधना श्रीवास्तव को बुके और श्री काशी विश्वनाथ का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह का सबसे भावुक पल तब आया, जब साधना श्रीवास्तव अपने पिता एसएन श्रीवास्तव के साथ घर के लिए रवाना हुईं। बताया गया कि 23 वर्ष पहले जब साधना विभाग में नौकरी ज्वाइन करने आई थीं, तब वह अपने पिता की उंगली पकड़कर कार्यालय पहुंची थीं। सेवानिवृत्ति के बाद विदाई के समय भी उनके पिता मौजूद रहे और साधना उन्हीं की उंगली थामकर भावुक मन से घर लौटीं।
साधना श्रीवास्तव मूल रूप से जौनपुर की निवासी हैं और वर्तमान में वाराणसी में रहती हैं। समारोह में विनोद कुमार श्रीवास्तव, कनीज फातिमा, संजय पांडेय, जयशंकर सिंह, आरिफ अंसारी, एसएन श्रीवास्तव, जागृति राज श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, प्रगति राज श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, विमला देवी, रत्नेश प्रसाद, विनोद कुमार शुक्ल, कुलदीप कुमार मौर्या, धीरज कुमार, निरंजन कुमार, सुनील कुमार और मूसा अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन सर्वेश उपाध्याय ने किया।








