व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगा कौशल : प्रो. उमेश चंद्रा

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महर्षि पराशर कृषि विज्ञान संस्थान पहुंचे निदेशक, बोले, शोध को नयी दिशा देने की जरुरत

प्रो. उमेश चंद्रा, शैक्षणिक एवं कृषि गतिविधियों का लिया जायजा

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के महर्षि पराशर कृषि विज्ञान संस्थान में नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के कीट विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं निदेशक शोध प्रो. उमेश चंद्रा का गुरुवार को आगमन हुआ। संस्थान पहुंचने पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया।

संस्थान के भ्रमण के दौरान प्रो. उमेश चंद्रा ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए यहां संचालित शैक्षणिक, शोध, प्रशिक्षण एवं कृषि संबंधी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं, प्रयोगात्मक कार्यों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर उसे प्रयोगशाला, खेत और बाजार की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने से उनमें रोजगार एवं उद्यमिता की संभावनाएं बढ़ेंगी।

उन्होंने संस्थान के विद्यार्थियों से संवाद कर कृषि शिक्षा, शोध, कीट प्रबंधन, उत्पादन तकनीक तथा व्यावहारिक कृषि के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासा के साथ सीखने, प्रयोग करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया।
प्रो. उमेश चंद्रा ने संस्थान में संचालित दो दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, प्रशिक्षण की उपयोगिता तथा इससे जुड़ी संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने संस्थान में संचालित गतिविधियों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन का कार्यक्रम व्यवस्थित एवं उपयोगी ढंग से संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम, नवाचार और टीमवर्क के माध्यम से संस्थान कृषि शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है।
इस अवसर पर महर्षि पराशर कृषि विज्ञान संस्थान के समन्वयक प्रो. गिरधर मिश्र ने प्रो. उमेश चंद्रा का संस्थान के शिक्षकों से परिचय कराया तथा संस्थान में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं कृषि गतिविधियों की जानकारी दी।
परिचय के क्रम में कीट विज्ञान विभाग के डॉ. सत्यम प्रजापति, उद्यान विज्ञान विभाग के डॉ. विपिन, सस्य विज्ञान विभाग के डॉ. हरिवंश सिंह, कृषि प्रसार विभाग के डॉ. प्रदीप कुमार यादव तथा पादप विज्ञान विभाग के डॉ. शुभम सिंह उपस्थित रहे। शिक्षकों ने अपने-अपने विभागों की शैक्षणिक, प्रयोगात्मक एवं शोध गतिविधियों से प्रो. उमेश चंद्रा को अवगत कराया।

प्रो. उमेश चंद्रा ने संस्थान की गतिविधियों की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा, शोध एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के अनुरूप विद्यार्थियों को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के समस्त शिक्षकों ने प्रो. उमेश चंद्रा के प्रति आभार व्यक्त किया।

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