
आजमगढ़ में फर्जी सीओ बनकर शराब ठेका दिलाने का झांसा, 90 हजार की साइबर ठगी

- फर्जी सीओ बनकर 90 हजार की ठगी
- शराब ठेका दिलाने का झांसा, आरोपी गिरफ्तार
- पुलिस वर्दी पहनकर करता था वीडियो कॉल
- फर्जी पहचान पत्र दिखाकर लोगों से करता था ठगी
आजमगढ़। गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खुद को पुलिस का क्षेत्राधिकारी बताकर शराब का ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पुलिस अधिकारी की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था और अपने पद एवं प्रभाव का भरोसा दिलाकर लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी ने शराब का ठेका दिलाने के लिए 3.20 लाख रुपये की मांग की थी और पीड़ित से 90 हजार रुपये ले लिए थे।
पुलिस के अनुसार 17 सितंबर 2026 को प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर गंभीरपुर थाने में आरोपी संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने खुद को पुलिस विभाग का सीओ बताते हुए शराब का ठेका दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले 3 लाख 20 हजार रुपये मांगे। 30 अगस्त को उसने पीड़ित से 90 हजार रुपये नकद ले लिए। मामले में धारा 318(4), 319(2) बीएनएस और 66डी आईटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को विश्वास में लेने के लिए पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल करता था। एक सितंबर को भी उसने वर्दी पहनकर वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को पुलिस अधिकारी बताया था। बाद में पीड़ित ने जब उसके बारे में जानकारी जुटाई तो उसके पुलिस अधिकारी नहीं होने का पता चला।
पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को सीओ या उप पुलिस अधीक्षक बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था। वह पुलिस विभाग में अधिकारी होने का दावा करते हुए शराब का ठेका, नौकरी और अन्य काम कराने का झांसा देता था। पुलिस की वर्दी और कूटरचित पहचान पत्र दिखाकर विश्वास हासिल करने के बाद अलग-अलग काम के नाम पर रकम मांगता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने कार्रवाई की। 18 सितंबर को गंभीरपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को मुखबिर से आरोपी के बारे में सूचना मिली। पुलिस ने उसकी लोकेशन भी ट्रेस की। इसके बाद रानीपुर रजमों मोड़ के पास घेराबंदी कर करीब 12:10 बजे संजय को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय पुत्र स्वर्गीय श्रीराम, निवासी मगरावा, थाना गंभीरपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो कूटरचित पुलिस अधिकारी पहचान पत्र, शराब ठेके का कूटरचित आवंटन पत्र, पुलिस वर्दी का एक सेट और मोबाइल फोन बरामद किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2017 में भी गंभीरपुर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्तमान मामले में उसके खिलाफ बीएनएस और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन और बरामद दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कूटरचित पुलिस पहचान पत्र और शराब ठेके का फर्जी आवंटन पत्र कहां से तैयार कराया गया। इसके अलावा ठगी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली गंभीरपुर थाना पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल शनि कुमार और कांस्टेबल दुर्गेश कुमार शामिल रहे। साइबर सेल की ओर से प्रभारी उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल, कांस्टेबल श्याम कुमार और कांस्टेबल अमित सरोज ने जांच में सहयोग किया।









