जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन की अध्यक्षता में गुरुवार को निर्माण खंड-2 लोक निर्माण विभाग की सड़कों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले की सड़कों की मौजूदा स्थिति, बारिश से हुए नुकसान, मरम्मत कार्यों की प्रगति और बरसात के बाद होने वाले स्थायी कार्यों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बारिश के कारण जिन सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं या अन्य किसी तरह की क्षति हुई है, उन्हें तत्काल मोटरेबल स्थिति में लाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क खराब होने के कारण आम लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खासतौर पर ऐसी सड़कों पर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाए, जहां वाहनों और राहगीरों की आवाजाही अधिक है।
उन्होंने कहा कि बरसात समाप्त होने के बाद सड़कों की स्थायी मरम्मत और ब्लैक टॉपिंग का कार्य कराया जाना है। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश खत्म होते ही बिना देरी के ब्लैक टॉपिंग का काम शुरू कराया जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सड़कवार स्थिति का आकलन करने और जरूरत के अनुसार कार्यों की प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निर्माण और मरम्मत कार्यों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि काम निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जा रहा है। उन्होंने कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि ठेकेदारों से निर्धारित समयसीमा के भीतर मरम्मत कार्य हर हाल में पूरा कराया जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है या निर्धारित समय में काम पूरा नहीं किया जाता है तो संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कों की स्थिति बेहतर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और आमजन की सुविधा के साथ सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सड़कों से संबंधित सूचनाओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क के निर्माण या मरम्मत से जुड़ी लागत, कार्यदायी संस्था का नाम और अन्य आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि लोगों को कार्य के संबंध में पूरी जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बनी रहे।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

