मातृशक्ति को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर जोर, पात्रों को प्राथमिकता से मिले आवास
जौनपुर। ग्राम्य विकास विभाग एवं समग्र ग्राम विकास तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान राज्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके लिए गांव-गांव अभियान चलाकर मातृशक्ति को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाए।
मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले मुसहर समुदाय के लोगों के साथ 18 से 50 वर्ष की आयु की निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को पात्रता के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहने पाएं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संबंध में राज्यमंत्री ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में आवेदकों को अपात्र घोषित किया जा रहा है, वहां एक बार फिर सत्यापन करा लिया जाए, ताकि पात्र व्यक्ति किसी भी स्थिति में योजना के लाभ से वंचित न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ पात्रता का निर्धारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्राम प्रधानों की पूर्व में लंबित धनराशि का भुगतान शीघ्र कराने के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों का सर्वे कराकर उनकी मरम्मत जल्द कराने को कहा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधूरे पड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संपर्क में रहें और उनके माध्यम से सामने आने वाली क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए औचक निरीक्षण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने राज्यमंत्री को जिले में चल रहे विशेष अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के लिए शेड की व्यवस्था तथा महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए प्रेरणा कैंटीन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, सिटी मजिस्ट्रेट, उपायुक्त श्रम रोजगार, उपायुक्त स्वत: रोजगार, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, अधिशासी अभियंता जल जीवन मिशन-ग्रामीण तथा सभी खंड विकास अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

