जौनपुर, 18 जुलाई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में एनआई एक्ट की धारा-138 एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। विशेष लोक अदालत में कुल 327 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मामलों में 48 लाख रुपये का समझौता भी कराया गया।
सिविल जज (सीडी) एवं प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक कुमार सिंह ने बताया कि यह विशेष लोक अदालत जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में आयोजित हुई। कार्यक्रम का संचालन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत रणजीत कुमार तथा प्रभारी सचिव विवेक कुमार सिंह की देखरेख में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराने पर बल देते हुए सभी न्यायिक अधिकारियों और पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों के शीघ्र समाधान के लिए प्रेरित किया।
विशेष लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट), 1881 की धारा-138 से संबंधित विभिन्न न्यायालयों में लंबित 268 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था। इनमें से 29 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
वहीं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से ऋण वसूली से संबंधित मामलों के लिए आयोजित विशेष लोक अदालत में 298 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर कुल 48 लाख रुपये की धनराशि पर सहमति बनी, जिससे लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान संभव हो सका।
इस अवसर पर जनपद के समस्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं फौजदारी न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी, अधिवक्ता तथा बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की कि वे भविष्य में भी लोक अदालतों का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपने मामलों का आपसी सहमति से त्वरित एवं सरल समाधान कराएं।


