• Sat. Jul 11th, 2026

    करंट से दो बछड़ों की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़के लोग

    Share

    अहमद खाँ मंडी क्षेत्र में जर्जर तार की चपेट में आए बछड़े, पुलिस व नगर पालिका ने हटवाए शव

    जौनपुर। शहर के अहमद खाँ मंडी क्षेत्र में शनिवार को करंट की चपेट में आने से दो बछड़ों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का आरोप है कि खुले और जर्जर बिजली के तार लंबे समय से हादसों को न्योता दे रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बछड़े क्षेत्र में घूम रहे थे। इसी दौरान वे खुले अथवा टूटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। करंट की आशंका को देखते हुए लोगों ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।

    सूचना मिलने पर पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों मृत बछड़ों को मौके से हटवाया गया। घटना के दौरान कुछ समय तक क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटी रही और बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करंट से बेजुबान पशुओं की मौत की यह क्षेत्र में लगातार दूसरी घटना है। इसके बावजूद बिजली विभाग ने जर्जर और खुले तारों को दुरुस्त करने की दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारियों ने समस्या को नजरअंदाज किया, जिसका खामियाजा अब बेजुबान पशुओं को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

    क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित नहीं बनाया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि खुले तारों की चपेट में आने से किसी राहगीर, बच्चे या अन्य व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

    स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की तत्काल जांच कराई जाए, जर्जर एवं खुले तारों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए तथा इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थायी व्यवस्था बनाकर ही ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सकती है।

    क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि आम नागरिकों और बेजुबान पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    Trimad1

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You missed