आजमगढ़। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ साइबर सेल ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराकर ठगी की रकम निकालने और दूसरे खातों में भेजने का काम करता था। पुलिस ने उसके पास से एक आईफोन-16, तीन एटीएम कार्ड और साइबर ठगी से जुड़े 2,020 रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
संदिग्ध बैंक खाते की जांच से खुला मामला
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद में “साइबर ठगी के जड़ में वार” अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव तथा क्षेत्राधिकारी नगर के मार्गदर्शन में प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम की टीम एक संदिग्ध बैंक खाते और राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायत की जांच कर रही थी।
जांच के दौरान बैंक खाते के खाताधारक यशवीर सिंह को पूछताछ के लिए साइबर सेल बुलाया गया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
टेलीग्राम के जरिए साइबर अपराधियों से हुआ संपर्क
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका संपर्क टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों से हुआ था। अपराधियों ने उसे जल्दी और अधिक पैसा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसने अपना बैंक खाता उनके इस्तेमाल के लिए दे दिया।
साइबर ठगी से लोगों के खातों से निकाली गई रकम सबसे पहले उसके बैंक खाते में भेजी जाती थी। इसके बाद वह एटीएम से पैसे निकालता, अपना कमीशन रखता और बची हुई रकम अपराधियों के बताए गए अन्य बैंक खातों में सीडीएम मशीन के जरिए जमा कर देता था।
बैंक ने खाता होल्ड किया तो टूटा संपर्क
आरोपी ने पुलिस को बताया कि कुछ समय बाद बैंक ने उसके खाते को संदिग्ध लेनदेन के कारण होल्ड कर दिया। इसके बाद साइबर अपराधियों से उसका संपर्क भी समाप्त हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से बरामद 2,020 रुपये भी साइबर ठगी की रकम का हिस्सा हैं।
मोबाइल और एटीएम कार्ड हुए बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक काले रंग का आईफोन-16, एचडीएफसी बैंक, एयरटेल पेमेंट बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के तीन एटीएम कार्ड तथा 2,020 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है ताकि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 318(4), 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
पुलिस की आम लोगों से अपील
आजमगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी भी व्यक्ति को न दें। साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना भी कानूनन अपराध है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


