जौनपुर। श्रम विभाग की अटल आवासीय विद्यालय योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के जरिए जौनपुर के कई श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकें और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे उनके सपनों को नई उड़ान मिली है।
शाहगंज क्षेत्र के ताखा गांव निवासी दिहाड़ी मजदूर श्याम सुंदर ने वर्ष 2014 में श्रम विभाग में पंजीकरण कराया था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी पुत्री जाह्नवी का आवेदन कराया। प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बाद जाह्नवी ने वर्ष 2024-25 में अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा-9 में प्रवेश लिया। विद्यालय की सुविधाओं और शिक्षकों के मार्गदर्शन से उसने वर्ष 2025-26 की हाईस्कूल परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर परिवार और जनपद का नाम रोशन किया।
विकासखंड सिरकोनी के रमसापुर कबूलपुर निवासी विद्योत्तमा देवी ने बताया कि बेटी और दामाद की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उन्होंने अपने नाती सावन कुमार का पालन-पोषण किया। आर्थिक तंगी के बीच अटल आवासीय विद्यालय योजना से सावन का चयन वाराणसी स्थित विद्यालय में हुआ, जहां वह वर्तमान में कक्षा-9 में अध्ययनरत है। उन्होंने योजना को नाती के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।
इसी तरह सिकरारा विकासखंड के पचोखर गांव निवासी टाइल्स मिस्त्री बुद्धिराम यादव के पुत्र वंशज का भी योजना के तहत चयन हुआ। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उसने वर्ष 2025-26 की हाईस्कूल परीक्षा में 87.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। बुद्धिराम यादव ने सफलता का श्रेय विद्यालय की आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षण व्यवस्था को दिया।
लाभार्थियों ने उत्तर प्रदेश शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अटल आवासीय विद्यालय योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य का अवसर प्रदान कर रही है तथा हजारों परिवारों के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही है।

