जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज में सोमवार को “भारतीय संस्कृति एवं भाषाओं का विकास” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. पी.सी. पतंजलि ने भारतीय संस्कृति और भाषाओं के गहरे संबंध को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और संस्कृत से लेकर हिंदी, उर्दू तथा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में मातृभाषा में शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए युवाओं से अपनी भाषाई विरासत को सहेजने का आह्वान किया।
समाजसेवी डॉ. विमला सिंह ने बच्चों को संस्कृति के अनरूप ढालने का आह्वन्ह किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा, उनकी विविधता तथा सांस्कृतिक एकता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित की।
कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, इतिहास और मूल्यों की वाहक है।
संचालन अहमद अब्बास खान ने किया। संगोष्ठी में डॉ. जीवन यादव, आर.पी. सिंह, डॉ. शाहिदा परवीन, डॉ. प्रेमलता गिरी, डॉ. अनिरुद्ध सिंह, डॉ तरन्नुम फातिमा,डॉ. प्रज्वलित यादव तथा डॉ. आशीष श्रीवास्तव, प्रवीण यादव समेत महाविद्यालय परिवार के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।




