जौनपुर। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘संस्मरण पखवाड़ा’ के अंतर्गत बुधवार को एक भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य वक्ता एवं प्रदेश मंत्री संचिता सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा और अखंड भारत के संकल्प को समर्पित था। उन्होंने कहा कि “एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे” केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता के प्रति उनका अटूट संकल्प था। उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटना उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है।
विशिष्ट अतिथि हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि नेहरू-लियाकत समझौते से मतभेद के बाद डॉ. मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता के लिए संघर्ष किया और बिना परमिट कश्मीर जाने के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया।
विशिष्ट अतिथि सुशील उपाध्याय ने डॉ. मुखर्जी के शैक्षणिक और प्रशासनिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। स्वतंत्रता के बाद उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में उन्होंने देश के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी और चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, सिंदरी उर्वरक कारखाना तथा दामोदर घाटी निगम जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि 23 जून 1953 को श्रीनगर की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में डॉ. मुखर्जी का निधन हुआ, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उन्होंने कहा कि उनके संघर्षों के परिणामस्वरूप कश्मीर की परमिट व्यवस्था समाप्त हुई और उनके विचार आज भी “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अजय सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता, विनय सिंह, अजय सरोज, अमित श्रीवास्तव, अंशु कुशवाहा, सुनील यादव, पंकज मिश्रा, पुष्पा निषाद, नीरज मौर्य, राज पटेल, राजकेशर पाल, धर्मेन्द्र मिश्रा, डॉ. देवी प्रसाद सिंह, रीता जायसवाल, आमोद सिंह सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


