जौनपुर। जिले के बहुचर्चित दूल्हा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक लाख रुपये का इनामी और हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव सोमवार को खेतासराय थाना क्षेत्र के गोरारी मोड़ के पास पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में लाइन बाजार थाना प्रभारी के.के. सिंह के हाथ में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गए। घायल इंस्पेक्टर को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया, जबकि पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में रवि यादव को ढेर कर दिया।
पुलिस के अनुसार रवि यादव लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। सोमवार को उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
गौरतलब है कि 1 मई को सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़ाऊर गांव निवासी आजाद बिंद अपनी बारात लेकर खेतासराय थाना क्षेत्र के बीवीपुर गांव जा रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं, जिससे दूल्हे आजाद बिंद की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी और पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का भारी दबाव था।
इस हत्याकांड में रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार थे, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने प्रत्येक आरोपी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। रवि यादव के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब पुलिस की नजर फरार चल रहे दो अन्य इनामी आरोपियों प्रदीप बिंद और भोले राजभर पर है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शेष दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई को जौनपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

