जौनपुर। जिले की एक अस्थायी गौशाला में चौकीदार चक बहादुर उर्फ भुवर सरोज की हत्या के बाद कर्मचारियों और केयरटेकरों में भय का माहौल व्याप्त है। घटना 14 जून, रविवार की बताई जा रही है। हत्या के बाद गौशाला की सुरक्षा व्यवस्था और वहां पहले से हो रही अराजक गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
गौशाला का संचालन ‘वी केयर’ नामक एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि गौशाला परिसर में अराजक तत्वों द्वारा आए दिन गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती रही हैं, जिससे वे लंबे समय से असुरक्षित महसूस कर रहे थे।
बताया जाता है कि गत वर्ष 10 मई को भी कुछ लोगों ने गौशाला में घुसकर केयरटेकर बबऊ सरोज के साथ मारपीट की थी। उस समय घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। इसके बावजूद कर्मचारियों का आरोप है कि सुरक्षा संबंधी समस्या बनी रही।
गौशाला में पशुओं की देखभाल को लेकर उठ रहे सवालों पर ग्राम पंचायत अधिकारी आसरे मौर्य ने कहा कि गौशाला में संरक्षित पशुओं को किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से गौशाला का निरीक्षण करते हैं तथा पशुओं के लिए चारा, चुनी और अन्य पशु आहार की पर्याप्त व्यवस्था की जाती है। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम भी समय-समय पर पहुंचती है। वर्तमान में एक बीमार पशु का इलाज चल रहा है।
गौशाला के सचिव ने भी स्वीकार किया कि परिसर में पूर्व में कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि इन घटनाओं के कारण कर्मचारी भय के साये में काम कर रहे हैं और कई लोग ड्यूटी करने से भी हिचकिचा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले का गंभीरता से संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
उधर, थाना अध्यक्ष प्रशांत सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। चौकीदार की हत्या के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग घटना के खुलासे का इंतजार कर रहे हैं।

