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    जौनपुर में इन्फर्टिलिटी उपचार की नई दिशा डॉ अंजू कन्नौजिया एवं डॉ श्रीकांत ओहरी के नेतृत्व में लाइव हिस्टेरोस्कोपी वर्कशॉप का ऐतिहासिक आयोजन

    BySatyameva Jayate News

    Dec 21, 2025
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    जौनपुर में निःसंतानता (इन्फर्टिलिटी) के आधुनिक उपचार को लेकर पहली बार एक दिवसीय हिस्टेरोस्कोपी वर्कशॉप का सफल और ऐतिहासिक आयोजन किया गया।

    इस वर्कशॉप का उद्देश्य न केवल निःसंतान दंपत्तियों को उन्नत एवं सटीक उपचार उपलब्ध कराना था, बल्कि क्षेत्र के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों को हिस्टेरोस्कोपी तकनीक, उसकी उपयोगिता और नवीनतम प्रगति से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना भी था।

    इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई मुख्य अतिथि डॉ. श्रीकांत ओहरी ने, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिस्टेरोस्कोपी जैसी आधुनिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीकें इन्फर्टिलिटी उपचार में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। उन्होंने जौनपुर जैसे शहर में इस स्तर के शैक्षणिक और तकनीकी कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    कार्यक्रम में प्रमुख भूमिका में रहीं डॉ. अंजू कन्नौजिया, जिनके नेतृत्व में इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। डॉ. कन्नौजिया ने आईवीएफ और हिस्टेरोस्कोपी का लाइव प्रदर्शन करते हुए गर्भाशय की आंतरिक समस्याओं जैसे पॉलिप, सेप्टम, फाइब्रॉइड और एंडोमेट्रियल असामान्यताओं के निदान एवं उपचार की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि हिस्टेरोस्कोपी एक सुरक्षित, प्रभावी और मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसके माध्यम से इन्फर्टिलिटी के कारणों का समय रहते सटीक निदान कर सफल उपचार संभव है। इससे आईवीएफ एवं प्राकृतिक गर्भधारण की सफलता दर में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

    वर्कशॉप में सह-आयोजक डॉ. अम्बर खान एवं डॉ. मधु शारदा डॉ.आर के गुप्ता के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता की।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुभा सिंह एवं डॉ. शैली निगम ने की, जिन्होंने इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों को चिकित्सा क्षेत्र के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. विनोद कुमार ने प्रभावशाली शब्दों में सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागी चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की वर्कशॉप्स न केवल चिकित्सकों के कौशल को बढ़ाती हैं, बल्कि निःसंतान दंपत्तियों के जीवन में आशा की नई किरण भी जगाती हैं। उन्होंने भविष्य में भी जौनपुर में ऐसे उन्नत चिकित्सा एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की प्रतिबद्धता जताई।

    विशेषज्ञों ने एक स्वर में आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों से क्षेत्र में इन्फर्टिलिटी उपचार की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा और अधिक से अधिक दंपत्तियों को माता-पिता बनने का सुख प्राप्त होगा।

    इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में डॉ. अविरल, डॉ. शिल्पी सिंह, डॉ. शकुंतला यादव, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. उर्मिला गुप्ता, डॉ. शिखा शुक्ला, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. रेनू, डॉ. लता सिंह, डॉ. पूजा यादव सहित कई स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता की।

    इसके साथ ही अशोक कुमार, डॉ. सुरेश कुमार, आर. डी. चौधरी एवं डॉ. पंकज कन्नौजिया की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामयी बनाया। सभी उपस्थित चिकित्सकों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने वर्कशॉप के शैक्षणिक स्तर, लाइव डेमोंस्ट्रेशन तथा तकनीकी प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे जौनपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

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