जौनपुर। जिले के चर्चित गोबरा सच्चिदानंद मिश्र हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी सूर्यकांत मिश्र उर्फ बिल्लू ने करीब 80 दिन बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी और उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की तैयारी भी चल रही थी। बढ़ते पुलिस दबाव के बीच आखिरकार आरोपी ने कोर्ट की शरण ली।
मामला केराकत तहसील क्षेत्र के गोबरा गांव का है, जहां 15 मार्च को सच्चिदानंद मिश्र की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद दर्ज मुकदमे में सूर्यकांत मिश्र उर्फ बिल्लू को मुख्य आरोपी बनाया गया था। वारदात के बाद से ही वह फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।
पुलिस अधीक्षक कुंवर सिंह अनुपम ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। उसके खिलाफ मुनादी कराई गई थी तथा कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दिए जाने और गिरफ्तारी की संभावना बढ़ने के कारण आरोपी पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा था।
इसी दबाव के बीच सूर्यकांत मिश्र उर्फ बिल्लू ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। आरोपी के सरेंडर के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। साथ ही हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले में शामिल सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।
गौरतलब है कि सच्चिदानंद मिश्र हत्याकांड ने क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी और आरोपी की लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने के कारण यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था। अब मुख्य आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद मामले की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


