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    ग़मगीन माहौल में सम्पन्न हुआ ऐतिहासिक चेहल्लुम

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    या हुसैन की सदाओं के बीच सुपुर्द-ए-ख़ाक हुईं तुरबतें व ताज़िये
    देशभर से पहुंचे हजारों अकीदतमंद, किया मातम और नौहाख्वानी

    जौनपुर। शीराज़-ए-हिन्द जौनपुर का ऐतिहासिक एवं मोजिज़ी (चमत्कारी) चेहल्लुम सोमवार को ग़मगीन माहौल में पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। इमामबाड़ा शेख़ मोहम्मद इस्लाम से निकला ऐतिहासिक जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होता हुआ बेगमगंज स्थित सदर इमामबाड़ा पहुंचा, जहां या हुसैन और ऐ हुसैन अलविदा की सदाओं के बीच नम आंखों से ताज़ियों और तुरबतों को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।
    कार्यक्रम की शुरुआत सोमवार दोपहर एक बजे मजलिस से हुई। सोज़ख्वानी के बाद मुफ्ती शारिब मेहंदी ने मरसियाख्वानी की। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद नदीम रज़ा ज़ैदी फैजाबादी ने कर्बला के शहीदों, विशेषकर इमाम हुसैन के मसायब बयान किए, जिन्हें सुनकर उपस्थित अकीदतमंद ग़म से अश्कबार हो उठे। मजलिस के उपरांत इमामबाड़े से ऐतिहासिक तुरबत निकाली गई। मन्नती नींबू उतारने और चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उमड़े। इसके बाद ताज़ियों और तुरबत के साथ निकला जुलूस बाजार भुआ, मुल्लाटोला, बारादुअरिया, हम्माम दरवाज़ा, काज़ियाना गली, अजमेरी और पुरानी बाजार होते हुए सदर इमामबाड़ा पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम किया। कार्यक्रम का संचालन सैयद कबीर ज़ैदी ने किया।
    इससे पूर्व रविवार रात इस्लाम चौक पर ताज़िया रखे जाने के साथ चेहल्लुम की रस्मों का आगाज़ हुआ। शब्बेदारी के दौरान आयोजित मजलिस को डॉ कमर अब्बास ने संबोधित किया। इसके बाद पूरी रात अंजुमनों द्वारा नौहाख्वानी और मातम का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालु पूरी रात और दिनभर ताज़ियों से मन्नतें मांगते और चढ़ावा चढ़ाते रहे। सोमवार भोर पांच बजे बेलाल हसनैन ने अलविदाई मजलिस पढ़ी, जिसके बाद अंजुमन गुलशन-ए-इस्लाम (रज़ि.) ने आग से दहकती ज़ंजीरों का मातम किया। रात्रिकालीन कार्यक्रम का संचालन सैयद अकबर हुसैन ज़ैदी एडवोकेट और अबू तालिब ज़ैदी ने किया। यह ऐतिहासिक चेहल्लुम पूरे देश में मनाए जाने वाले चेहल्लुम से एक दिन पूर्व आयोजित किया जाता है। इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के कारण देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद हर वर्ष जौनपुर पहुंचते हैं। मुतवल्ली सैयद ज़ाफर हसन ज़ैदी करबलाई एवं कार्यकारी मुतवल्ली लाडले ज़ैदी ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, इंतजामिया कमेटी और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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