जौनपुर। 22 साल पुराने बहुचर्चित हत्याकांड में जौनपुर की एडीजे/एफटीसी प्रथम अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जमीनी विवाद में आशीष मौर्या की गोली मारकर हत्या के मामले में सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के प्रतिनिधि मनोज मौर्या समेत चार सगे भाइयों को दोषी करार दिया गया। अदालत ने फैसला सुनाने के बाद चारों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। दोषियों की सजा पर 26 अगस्त को सुनवाई होगी।
मामला 16 अगस्त 2004 का है। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियापुर मोहल्ले में कलेक्ट्रेट तिराहे के पास जमीनी विवाद को लेकर आशीष मौर्या की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। करीब दो दशक तक चली सुनवाई में गवाहों के बयान और साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
अदालत ने दो आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया। चार दोषियों को जेल भेजे जाने के बाद अब सजा पर फैसला 26 अगस्त को होगा।


