जौनपुर। जिला भू-गर्भ जल प्रबंधन परिषद की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में भूगर्भ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जनपद में गिरते जलस्तर की स्थिति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सभी सरकारी भवनों की छतों की साफ-सफाई कराकर वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का अधिकतम उपयोग करते हुए वर्षा जल को भूगर्भ जल पुनर्भरण के लिए प्रयोग में लाया जाए।
उन्होंने कहा कि भूगर्भ जल का लगातार और अनियंत्रित दोहन भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा भूगर्भ जल स्तर, संचालित योजनाओं और जल संरक्षण संबंधी कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर बल देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


