जौनपुर। थाना तेजीबाजार क्षेत्र के हैदरपुर निवासी एवं डेंटल सर्जन डॉ. प्रभात विक्रम सिंह ने पुलिस पर अभद्रता और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मामले को लेकर चिकित्सक समुदाय में भी आक्रोश देखा गया।
मीडिया से बातचीत में डॉ. प्रभात ने बताया कि 25 मई को वह अपनी पैतृक भूमि पर कथित अवैध निर्माण की शिकायत लेकर थाना तेजीबाजार पहुंचे थे। उनका आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया, मोबाइल फोन छीन लिया, जूते और बेल्ट उतरवा दिए तथा करीब तीन घंटे तक लॉकअप में बैठाकर मानसिक प्रताड़ना दी। इसके बाद उनका धारा 151 के तहत चालान कर दिया गया।
घटना के विरोध में डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यदि एक प्रतिष्ठित चिकित्सक के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान डॉ. गौरव मौर्या, डॉ. रजनीश द्विवेदी, डॉ. संजीव पाण्डेय सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे। फिलहाल प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।


