जौनपुर


जनपद में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से जारी है। अब तक जिले में 1,71,528 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं। शेष उपभोक्ताओं के यहां भी मेसर्स जीएमआर द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाया जा रहा है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह स्मार्ट मीटर ISI प्रमाणित हैं और रियल टाइम में बिजली खपत व बैलेंस की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। प्रीपेड प्रणाली पर आधारित ये मीटर मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज किए जा सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिल भुगतान की झंझट से राहत मिलेगी।
स्मार्ट मीटर की खास बात यह है कि भविष्य में सोलर कनेक्शन लेने पर भी मीटर बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वहीं, प्रीपेड भुगतान पर उपभोक्ताओं को 2 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। कम बैलेंस, भुगतान और खपत की जानकारी एसएमएस के जरिए लगातार मिलती रहती है।
अधिकारियों के अनुसार, उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए अब बिजलीघर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि मीटर स्वतः रिकनेक्ट हो जाता है। साथ ही UPPCL Smart App के माध्यम से उपभोक्ता प्रतिदिन, मासिक और प्रति घंटे बिजली खपत की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान की सुविधा को बढ़ावा देते हुए UPI, Paytm और Google Pay के माध्यम से तुरंत रिचार्ज किया जा सकता है। शिकायत दर्ज कराने और दैनिक कटौती की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध है।
बताया गया कि RDSS योजना के तहत मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर निःशुल्क लगाए जा रहे हैं। हालांकि, नए कनेक्शन पर नियमानुसार शुल्क लागू होगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक रिचार्ज में पुराने बकाए के कारण राशि अधिक लग सकती है, लेकिन यह पूरी तरह खपत पर आधारित होती है।
बिजली कटने की स्थिति में रिचार्ज के बाद भी यदि दो घंटे में आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन या व्हाट्सएप/चैटबॉट के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस संबंध में मुख्य अभियंता (वि.) वाराणसी क्षेत्र-द्वितीय के निर्देश पर आयोजित प्रेसवार्ता में अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गुप्ता एवं अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक मौजूद रहे।

