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    व्हाट्सएप पर आई APK फाइल बनी ठगी का जरिया, खाते से 94 हजार रुपये पार

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    जौनपुर। जिले में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां व्हाट्सएप पर आई एक संदिग्ध APK फाइल खोलना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर अपराधियों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर उसके बैंक खाते से 94 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के कौवापार गांव निवासी पन्नालाल यादव ने बताया कि उनका बचत खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की सिपाह शाखा में है। उनके अनुसार, 7 जून को व्हाट्सएप पर एक अनजान APK फाइल प्राप्त हुई थी। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल हैंग होने लगा और सामान्य रूप से काम करना बंद कर दिया।

    पीड़ित ने बताया कि 9 जून को उनके मोबाइल पर कई ओटीपी संदेश आए, जिन्हें उन्होंने अनदेखा कर डिलीट कर दिया। उसी दिन शाम 6:13 बजे, 6:16 बजे और 6:18 बजे यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से क्रमशः 49 हजार, 25 हजार और 20 हजार रुपये निकाल लिए गए।

    मोबाइल ठीक होने के बाद 11 जून को जब पन्नालाल यादव ने बैंक खाते का स्टेटमेंट देखा तो खाते से कुल 94 हजार रुपये की निकासी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने गौराबादशाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला साइबर अपराध से जुड़ा होने के कारण उन्हें साइबर थाने भेज दिया गया।

    साइबर थाने में 12 जून को प्राप्त तहरीर के आधार पर अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और ठगी में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    थानाध्यक्ष गंगासागर मिश्र ने बताया कि पीड़ित साइबर ठगी की शिकायत लेकर थाने आया था। चूंकि मामला साइबर अपराध से संबंधित था, इसलिए उसे साइबर थाने भेजा गया, जहां मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या एप्लिकेशन को बिना सत्यापन के डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है।

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