
अविष्कार फाउंडेशन की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम प्रथम

‘ऑक्टोफ्लो’ नवाचार के लिए मिला मेजर मनोज कुमार पांडेय पुरस्कार, दो लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के विद्यार्थियों ने नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अविष्कार फाउंडेशन की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ‘आर्थिक उद्यमिता से सामाजिक समता’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की टीम ने अपने नवाचार ‘ऑक्टोफ्लो’ के लिए मेजर मनोज कुमार पांडेय पुरस्कार हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ टीम को दो लाख रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया है। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को विकसित करने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए हरसंभव प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को भी नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
टीम ने प्रतियोगिता में ‘ऑक्टोफ्लो’ नामक एक स्वचालित औषधि वितरण प्रणाली प्रस्तुत की। इस नवाचार का उद्देश्य दवाओं के वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है। टीम ने अपने प्रोजेक्ट का प्रभावी प्रस्तुतीकरण करते हुए निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया और प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस टीम में प्रतीक तिवारी टीम लीडर तथा प्रभात तिवारी और आदित्य यादव सदस्य के रूप में शामिल रहे। प्रतीक तिवारी और आदित्य यादव बीटेक तृतीय वर्ष में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियंत्रण के विद्यार्थी हैं, जबकि प्रभात तिवारी बीटेक तृतीय वर्ष में सूचना प्रौद्योगिकी के छात्र हैं।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता तक पहुंचने से पहले टीम ने टीडी कॉलेज, जौनपुर में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसके आधार पर टीम का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। वहां अपने नवाचार और प्रस्तुतीकरण के दम पर टीम ने प्रथम स्थान हासिल कर विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता में प्राप्त दो लाख रुपये के अनुदान का उपयोग ‘ऑक्टोफ्लो’ के नमूना मॉडल को और अधिक विकसित एवं उन्नत बनाने में किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने नवाचार को बेहतर स्वरूप देने और उसकी उपयोगिता को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। टीम को तैयार करने और प्रतियोगिता के लिए मार्गदर्शन देने में केंद्रीय प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार तथा डॉ. सुशील कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विश्वविद्यालय की ओर से टीम का समन्वय डॉ. मोहम्मद अबू सालेह ने किया। टीम को केंद्रीय प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ (सीटीपीसी) तथा प्रबंधन अध्ययन संकाय के तत्वावधान में प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए भेजा गया था। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है।
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