
श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता समाज के लिए अनुकरणीय : आचार्य अमित जी महाराज

सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र सुन भावुक हुए श्रद्धालु
बक्शा, जौनपुर। बक्शा विकासखंड के संवसा गांव निवासी कथा आयोजक संतोष कुमार उपाध्याय ‘बबलू’ के आवास पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार रात समापन हुआ। अयोध्या धाम से पधारे कथा वाचक आचार्य अमित जी महाराज ने अंतिम दिन श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
आचार्य अमित जी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता समाज के लिए अनुकरणीय है। सुदामा के प्रति भगवान श्रीकृष्ण का प्रेम आज भी लोगों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि गुरु से कपट और मित्र से चोरी नहीं करनी चाहिए। वर्तमान समय में जब जमीन के छोटे से टुकड़े के लिए भाई-भाई का दुश्मन बन जाता है, ऐसे में श्रीकृष्ण-सुदामा का प्रेम और मिलन समाज को सच्ची मित्रता का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से दुर्लभ मानव जीवन को मोक्ष का मार्ग मिलता है। कथा में श्रीकृष्ण द्वारा सुदामा की पोटली से दो मुट्ठी चावल ग्रहण करने और उन्हें दोनों लोकों का वैभव प्रदान करने का प्रसंग सुनाया गया। तीसरी मुट्ठी चावल लेने पर महारानी रुक्मिणी द्वारा भगवान का हाथ पकड़ने का प्रसंग भी सुनाया गया।
कथा समापन के बाद आरती हुई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर बदलापुर विधायक रमेश चन्द्र मिश्र और भाजपा नेता सतीश कुमार सिंह ने आचार्य अमित जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया। मुख्य यजमान विभा उपाध्याय, उमा उपाध्याय, अम्बर उपाध्याय, कन्हैया उपाध्याय, लक्ष्मीशंकर उपाध्याय ‘डब्लू’, अमरीष उपाध्याय, रज्जू उपाध्याय, पंकजमणि उपाध्याय समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।








