जौनपुर। जलालपुर चौराहे पर सार्वजनिक शौचालय पिछले करीब दो साल से बंद पड़ा है। वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस व्यस्त चौराहे से रोजाना हजारों यात्री मड़ियाहूं, केराकत, जौनपुर और वाराणसी की ओर आवागमन करते हैं। सार्वजनिक सुविधा के लिए बनाया गया शौचालय बंद होने से यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शौचालय का भवन तैयार है, लेकिन दरवाजे पर लगा जंग लगा ताला इसकी बदहाली की कहानी बता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास सार्वजनिक शौचालय की कोई दूसरी व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत होती है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है।
पूर्व सांसद रामचरित्र निषाद की ओर से जनता की सुविधा के लिए यह शौचालय बनवाया गया था। अब इसके संचालन को लेकर ब्लॉक प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच मामला अटका हुआ बताया जा रहा है।
जलालपुर के खंड विकास अधिकारी राम विलास का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए करीब दो महीने से जानकारी जुटाई जा रही है। उनके अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन शौचालय का संचालन करने से मना कर रहा है, क्योंकि यह विश्वविद्यालय परिसर की जमीन पर बना है।
स्थानीय फल विक्रेता गोविंदा सोनकर ने बताया कि करीब दो साल से शौचालय बंद होने के कारण महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। आसपास कोई दूसरा विकल्प नहीं होने से यात्रियों को दिक्कत उठानी पड़ती है।
शौचालय का निर्माण होने के बावजूद दो साल से बंद रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण से पहले ही इसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए थी। अब लोग इंतजार कर रहे हैं कि विश्वविद्यालय और ब्लॉक प्रशासन के बीच चल रहा विवाद कब खत्म होगा और सार्वजनिक शौचालय कब आम लोगों के लिए खोला जाएगा।

