22.57 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि पर बनी सहमति
जौनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में कुल 59,218 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 22,57,60,855 रुपये की समझौता राशि तय हुई।

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में परिवार न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश प्रीति श्रीवास्तव, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह सहित न्यायिक अधिकारी, मध्यस्थ, कर्मचारी और पैरालीगल स्वयंसेवक मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित 7,447 मामलों तथा राजस्व न्यायालयों और प्रशासन के विभिन्न विभागों में प्री-लिटिगेशन के 51,771 मामलों का निस्तारण किया गया।
परिवार न्यायालयों में 70 मुकदमों का निस्तारण हुआ। इनमें पीड़ित पक्ष को 38.10 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में क्षतिपूर्ति से संबंधित 135 मामले लगाए गए, जिनमें 121 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 8.03 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।

स्थायी लोक अदालत में 18 मामले लगाए गए, जिनमें 12 का निस्तारण हुआ और 54.52 लाख रुपये की समझौता राशि तय की गई। अपर जिला जज चतुर्थ के न्यायालय में विद्युत वसूली से संबंधित 619 मामलों का निस्तारण किया गया।
विभिन्न न्यायालयों में 5,138 शमनीय फौजदारी मामलों का निस्तारण करते हुए 5,79,220 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा परक्राम्य लिखत अधिनियम के 10 और अन्य 1,405 मामलों का भी निस्तारण किया गया। सिविल न्यायालयों में 84 मामलों का निस्तारण हुआ तथा उत्तराधिकार मामलों में 13,73,171 रुपये के प्रमाण पत्र जारी किए गए।

राजस्व न्यायालयों में फौजदारी के 2,376, राजस्व के 735 और अन्य 47,442 मामलों का निस्तारण किया गया। नगर पालिका से संबंधित जलकर के 83 मामलों का भी निस्तारण हुआ। बैंक, वित्तीय कंपनियों और भारत संचार निगम लिमिटेड से संबंधित 1,135 प्री-लिटिगेशन मामलों में 13,32,24,004 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
लोक अदालत के अवसर पर जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता दी गई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत विष्णु गोस्वामी और चंदन गुप्ता को पांच-पांच लाख रुपये के ऋण का वितरण किया गया।
सहायक श्रमायुक्त कार्यालय की ओर से कर्मचारी प्रतिकार अधिनियम के तहत सुशीला देवी को 19,41,653 रुपये का चेक प्रदान किया गया। औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत पवन सिंह को 60 हजार, सुजीत कुमार को 80 हजार, राजेश कुमार विश्वकर्मा को 75 हजार और विकास कुमार को 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति के चेक दिए गए। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को स्टिक और अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।


