जौनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से देश में ‘एक राष्ट्र, एक समान कानून’ लागू करने और सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए जाने की मांग की गई।
प्रवीण तिवारी ने कहा कि भारत के सभी नागरिक संविधान में प्रदत्त समानता और मौलिक अधिकारों के समान रूप से हकदार हैं। उन्होंने कानून का शासन, समानता और न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों को मजबूत किए जाने पर जोर दिया।
ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग करते हुए आर्थिक स्थिति तथा वास्तविक सामाजिक एवं शैक्षिक पिछड़ेपन जैसे पारदर्शी मानकों को आधार बनाने का सुझाव दिया गया। साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से वर्ष 2026 में बनाए गए नए नियमों की पुनः समीक्षा करने और जनहित में अनुचित पाए जाने वाले प्रावधानों को वापस लेने पर विचार करने की मांग की गई।
कार्यकर्ताओं ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज मामलों से संबंधित अधिकृत और सत्यापित आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कानून के दुरुपयोग की किसी भी संभावना को रोकने के लिए उचित सुरक्षा प्रावधान और निष्पक्ष जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सवर्ण आर्मी ने सभी जाति और धर्म के नागरिकों को संविधान के अनुरूप समान अधिकार, सम्मान और न्याय दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही सवर्ण समाज की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक समस्याओं के अध्ययन एवं समाधान के लिए वैधानिक सवर्ण आयोग के गठन पर विचार करने की मांग भी रखी।


