
नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सफल आयोजन पर ज्ञान प्रकाश सिंह ने जताया जनपदवासियों का आभार

बोले- जौनपुरवासियों के प्रेम, सहयोग और श्रद्धा ने धार्मिक आयोजन को बनाया यादगार, सेवा भारती सहित सभी सहयोगियों का किया विशेष अभिनंदन
जौनपुर। जनपद की पावन धरती पर आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने समस्त जनपदवासियों के प्रति हृदय से आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की असीम कृपा, जनपदवासियों के अपार स्नेह, श्रद्धा, सहयोग और सहभागिता के कारण यह धार्मिक आयोजन भव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि नौ दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में जिस तरह से जौनपुर के श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों, युवाओं, बुजुर्गों और धर्मप्रेमी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, वह उनके लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। कथा के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और लोगों की आस्था ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जनपदवासियों के इसी प्रेम और अपनत्व ने आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना का एक यादगार अवसर बना दिया।
5 नवंबर को जौनपुर आएंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुंगराबादशाहपुर बाईपास की रखेंगे आधारशिलाउन्होंने विशेष रूप से सेवा भारती, जौनपुर के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न संस्थाओं, सहयोगियों और आयोजन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक, प्रत्येक स्तर पर लोगों ने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह प्रशंसनीय है।
ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में धार्मिक आस्था, संस्कार, सेवा, समरसता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का अवसर मिला। श्रीराम कथा से प्राप्त आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना ही इस आयोजन की वास्तविक सार्थकता है।
अंत में उन्होंने प्रभु श्रीराम से समस्त जनपदवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि आप सभी का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। नौ दिवसीय श्रीराम कथा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति वे हृदय से आभारी हैं। उन्होंने सभी को कोटि-कोटि धन्यवाद एवं साधुवाद ज्ञापित किया।
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