
30 वर्षों तक देशसेवा करने के बाद गांव लौटे सूबेदार राकेश सिंह, तिरंगा यात्रा निकालकर हुआ भव्य स्वागत

जौनपुर। भारतीय थल सेना के सिग्नल कोर में करीब 30 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद सूबेदार राकेश सिंह रविवार को अपने पैतृक गांव भीवरहा, बक्शा लौटे। उनके प्रथम गृह आगमन पर ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों ने भव्य स्वागत समारोह आयोजित कर उनका सम्मान किया। इस दौरान तिरंगा यात्रा निकालकर उन्हें सम्मानपूर्वक पैतृक आवास तक पहुंचाया गया।
सूबेदार राकेश सिंह पुत्र हरिशंकर सिंह, ग्राम भीवरहा, पोस्ट बक्शा, जिला जौनपुर के निवासी हैं। उन्होंने 26 जून 1997 को भारतीय थल सेना के सिग्नल कोर में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया था। अपने सैन्य जीवन में उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा की। उन्होंने करीब तीन वर्षों तक प्रशिक्षक के रूप में भी सेवाएं दीं और सेना के जवानों तथा नवचयनित अग्निवीरों को प्रशिक्षण देकर देश की रक्षा के लिए तैयार करने में योगदान दिया।
18 अक्टूबर को शिवगुलामगंज चौराहे पर आयोजित स्वागत समारोह में उनके सम्मान में लोगों का उत्साह देखने को मिला। तिरंगा यात्रा के साथ उन्हें गांव स्थित पैतृक आवास तक ले जाया गया। उनके आगमन से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा।
सूबेदार राकेश सिंह के छोटे भाई सूबेदार अभिनेश सिंह भी भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों भाइयों का राष्ट्रसेवा से जुड़ाव परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। ग्रामीणों ने उनके समर्पण और देशसेवा को नमन करते हुए उज्ज्वल भविष्य एवं सुखद जीवन की कामना की।






