
ऑब्जेक्ट आधारित प्रोग्रामिंग की बारीकियां समझाईं

सी-डैक की वैज्ञानिक डॉ. कल्पना जौहरी ने विद्यार्थियों को दिया व्यावहारिक ज्ञान
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग में बीसीए एवं एकीकृत एमसीए के विद्यार्थियों के लिए “ऑब्जेक्ट आधारित प्रोग्रामिंग” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की वैज्ञानिक “एफ” डॉ. कल्पना जौहरी ने विद्यार्थियों को इस प्रोग्रामिंग पद्धति की मूलभूत अवधारणाओं, महत्त्व एवं व्यावहारिक उपयोगों से परिचित कराया।
डॉ. जौहरी ने वर्ग, वस्तु, संलग्नकरण, वंशानुक्रम, बहुरूपता एवं अमूर्तता जैसी प्रमुख अवधारणाओं को सरल तथा व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि ऑब्जेक्ट आधारित प्रोग्रामन आधुनिक सॉफ्टवेयर निर्माण की एक महत्त्वपूर्ण पद्धति है, जो प्रोग्राम को सुव्यवस्थित, पुनः प्रयोग योग्य तथा रखरखाव के अनुकूल बनाने में सहायक होती है।
डॉ. जौहरी ने विद्यार्थियों को प्रोग्रामन की अवधारणाओं को वास्तविक समस्याओं से जोड़कर समझने तथा तार्किक चिंतन एवं समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए प्रोग्रामन की मूलभूत अवधारणाओं की स्पष्ट समझ अत्यंत आवश्यक है। यह समझ उन्हें उन्नत तकनीकों, सॉफ्टवेयर निर्माण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सुदृढ़ आधार प्रदान करती है।
कार्यक्रम में कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुरजीत यादव एवं पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. मिथिलेश कुमार पांडेय उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सहायक आचार्य आदित्य कुमार, अवधेश कुमार यादव एवं प्रियंका जायसवाल भी रही। यह विशेष व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को ऑब्जेक्ट आधारित प्रोग्रामन की सैद्धांतिक अवधारणाओं को व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने तथा अपने तकनीकी ज्ञान एवं प्रोग्रामन कौशल को विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।








