
छात्रों ने अपने हाथों से बनाए ड्रोन को उड़ाया

‘स्वयान’ बूटकैंप के चौथे दिन स्व-निर्मित ड्रोन का हुआ सफल परीक्षण
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में सी-डैक, नोएडा के सहयोग से आयोजित “मानवरहित विमान प्रणाली एवं उसके उपयोग” विषयक पांच दिवसीय ‘स्वयान’ बूटकैंप का चौथा दिन तकनीकी ज्ञान, नवाचार एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण से भरपूर रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक की बारीकियों से अवगत कराया, जबकि विद्यार्थियों द्वारा स्वयं निर्मित ड्रोन का सफल परीक्षण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
सत्र के प्रथम चरण में सी-डैक, नोएडा के परियोजना अभियंता दीपेश वर्मा ने ड्रोन कैमरा सेंसर पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को कैमरे के विभिन्न महत्त्वपूर्ण अंगों, जैसे छनक (फिल्टर) एवं संवेदक (सेंसर) के बारे में तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने कृषि एवं पर्यावरण के क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए वनस्पति विभेदन, जल वेधन, रोग की पहचान तथा पौधों के स्वास्थ्य की निगरानी हेतु विभिन्न तरंगदैर्ध्य के उपयोग पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात सी-डैक, नोएडा की परियोजना अभियंता ईशा गुप्ता ने ड्रोन के व्यापक अनुप्रयोगों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में यह तकनीक कृषि, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, सर्वेक्षण एवं अन्य क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है।
बूटकैंप का सबसे रोमांचक एवं प्रेरणादायक क्षण तब आया, जब विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए ड्रोन को विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में सफलतापूर्वक आकाश में उड़ाया। विद्यार्थियों का उत्साह इस अवसर पर देखते ही बनता था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। कुलपति ने विद्यार्थियों के इस नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल, आत्मविश्वास एवं अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यह संपूर्ण कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग के सहयोग से सी-डैक, नोएडा द्वारा संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. शैलेश प्रजापति, डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी, श्री सुधीर सिंह, डॉ. पारुल त्रिवेदी, डॉ. ज्योति पी. सिंह, सुश्री प्रीति शर्मा, श्री अनुराग सिंह एवं सुश्री जया शुक्ला सहित अन्य शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही। शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं तकनीकी दल के समन्वय से यह बूटकैंप विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार एवं कौशल विकास का एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है।








