
वसूली-लूट मामले में निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश ने किया आत्मसमर्पण, तीन जिलों में छापेमारी

जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में दर्ज जबरन वसूली और लूट के मामलों में फरार चल रहे निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दिव्य प्रकाश सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उनके आत्मसमर्पण के बाद एसआईटी ने मामले की जांच और तेज कर दी है।
जांच में जुटी एसआईटी के अनुसार, आरोपियों की तलाश में वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज में पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी बीच दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। अब टीम उनसे घटनाओं में उनकी भूमिका और अन्य आरोपियों से संपर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 का कार्यक्रम जारी, पांच फरवरी से शुरू होंगी हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएंजांच के दौरान करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से आरोपियों के बीच बातचीत, आपसी संपर्क और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। वाराणसी निवासी राजेंद्र दुबे, वंश नारायण गिरी और राज नारायण गिरी समेत अन्य लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। राज नारायण गिरी पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
एसआईटी ने शुक्रवार को जेल पहुंचकर गिरफ्तार आरोपियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। केराकत कोतवाली क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत और उसके भाई विकास सिंह से भी पूछताछ की गई। जांच टीम के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। दोनों का संपर्क सुरेरी थाना क्षेत्र के देहुआ निवासी राज नारायण गिरी से सामने आया है।
मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और आरक्षी विष्णु सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। दिव्य प्रकाश सिंह के आत्मसमर्पण के बाद एसआईटी अब फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल संपर्क और नेटवर्क को खंगाल रही है। वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज में पुलिस टीमों की छापेमारी जारी है।







