जौनपुर। आगामी 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत एवं राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0 के तहत अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण को लेकर सोमवार को प्री-ट्रायल बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने की रणनीति पर चर्चा हुई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत रणजीत कुमार की अध्यक्षता तथा सिविल जज सीडि./सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह के संयोजन में हुई बैठक में न्यायिक अधिकारियों के साथ प्रशासन एवं पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0 एक अगस्त से दिसंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में राजस्व एवं पुलिस प्रशासन से संबंधित मामलों के अलावा शमनीय आपराधिक वाद, चेक बाउंस के मामले, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, विद्युत एवं जल बिल विवाद, वेतन एवं सेवानिवृत्ति लाभ संबंधी विवाद तथा अन्य सिविल और राजस्व मामलों का आपसी सुलह से निस्तारण कराया जाएगा।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने न्यायालयों में लंबित अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता केंद्र भेजने तथा लोक अदालत के लिए मामलों को चिन्हित कर पक्षकारों को समय से नोटिस भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने नोटिस की शत-प्रतिशत तामीला सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

