जिलाधिकारी ने सी और डी रैंकिंग के अधिकारियों पर जताई नाराजगी
जौनपुर। जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में देर सायं कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कृषि, पशुपालन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, श्रम एवं रोजगार, स्वास्थ्य, एमएसएमई, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, ऊर्जा, पर्यटन, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर जिन योजनाओं की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम है अथवा जिन विभागों की रैंकिंग सी और डी श्रेणी में है, उनके अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेकर योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने तथा प्रत्येक योजना की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान पीएम-कुसुम योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उप निदेशक कृषि को ई-रिक्शा के माध्यम से प्रचार कराने के निर्देश दिए।
विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतों की जानकारी प्राप्त की तथा लंबित खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की भी जानकारी ली। इस पर अवगत कराया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 20 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीसी मनरेगा से पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के क्रम में प्रत्येक गांव में सूचना बोर्ड लगाए जाने की प्रगति की जानकारी ली तथा लंबित कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण कर अवगत कराने के निर्देश दिए।
चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्नेक वेनम की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों की जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीटी स्कैन, ऑक्सीजन प्लांट सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित सभी ऑक्सीजन प्लांटों को 10 से 15 दिन के भीतर क्रियाशील कराया जाए।
फैमिली आईडी की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने डीपीआरओ, उपायुक्त उद्योग सहित संबंधित विभागों के सहयोग से अधिक से अधिक फैमिली आईडी जनरेट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा विकास कार्य कराए जा रहे हैं, उनके अधिकारियों को बैठक में बुलाकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए तथा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएं।
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बारिश के बाद सभी विद्यालयों में आवश्यक पेंटिंग एवं रंगाई-पुताई का कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि समस्त विद्यालयों में सभी विद्यालयों की छतों की सफाई करवने हेतु निर्देशित किया जाए। पुराने एवं जर्जर विद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग से एस्टीमेट तैयार कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों का वेतन रोकते हुए सख्त निर्देश दिए कि विद्यालयों के ऊपर से तब तक गुजर रहे हाईटेंशन तारे नहीं हटाई जाएंगी तब तक वेतन बाधित रहेगा।
पीएम पोषण योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मध्यान्ह भोजन के समय विद्यालयों का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाए।
कन्या सुमंगला योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी को जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम विकास अधिकारी स्तर पर आवेदन लंबित हैं। जिसपर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान विधवा पेंशन के आवेदनों के निस्तारण, आधार सीडिंग, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना तथा पोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रत्येक संकेतक की नियमित समीक्षा की जाए। जिन योजनाओं में प्रगति कम है, उनमें विशेष प्रयास कर अपेक्षित सुधार लाया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गंगाराम गौतम, पी.डी. के के पण्डये, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. अरुण यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


