हिक्किम के विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर का अनुभव साझा किया, सीमावर्ती क्षेत्रों में डिजिटल इंडिया और आर्थिक विकास पर हुई चर्चा
जौनपुर। जिले के बदलापुर ब्लॉक निवासी युवा आशीष सोनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद करने का गौरव प्राप्त हुआ। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) द्वारा गृह मंत्रालय एवं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत देशभर से चयनित 403 युवाओं में आशीष सोनी भी शामिल रहे।
यह कार्यक्रम 3 से 30 जून 2026 तक आयोजित किया गया था। इसमें देश के 245 जनपदों के 403 चयनित युवाओं ने लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की 74 वाइब्रेंट सीमावर्ती ग्राम पंचायतों का दौरा कर वहां के जनजीवन, संस्कृति और विकास गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। आशीष सोनी ने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति की स्पीति घाटी स्थित काजा खास गांव का दौरा किया।
आशीष सोनी का चयन राष्ट्रव्यापी क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से हुआ। इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 2.7 लाख युवाओं ने प्रतिभाग किया था, जिनमें से मेधा और प्रदर्शन के आधार पर केवल 403 युवाओं का चयन किया गया।
प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल संवाद के दौरान आशीष सोनी ने हिमाचल प्रदेश के हिक्किम स्थित विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने हिक्किम डाकघर से प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र भी भेजा था। उन्होंने यह भी बताया कि समुद्र तल से 15 हजार फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में भी क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली पूरी तरह कार्यशील है। यह सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों तक डिजिटल इंडिया की पहुंच का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
आशीष सोनी ने स्वयं सहायता समूहों के साथ अपने अनुभव भी प्रधानमंत्री से साझा किए। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने चिचम पुल के महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। साथ ही, रात्रिकालीन पर्यटन यानी नाइट टूरिज्म को भी प्रोत्साहन मिला है। प्रधानमंत्री ने इस जानकारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में ऐसी आधारभूत संरचनाओं की भूमिका की सराहना की।
आशीष सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ सीधा संवाद उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। यह अनुभव उन्हें राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय योगदान देने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
‘मेरा युवा भारत’ का यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास तथा वहां तैनात आईटीबीपी जवानों के जीवन और चुनौतियों से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारीगण उपस्थित रहे।


