जौनपुर। संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस के जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचने पर इस बार एक अलग और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। आमतौर पर नई ट्रेनों के स्वागत में जनप्रतिनिधि और राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी रहती है, लेकिन इस अवसर पर संत रविदास पंथ के अनुयायियों ने स्वयं आगे बढ़कर ट्रेन की अगवानी की। श्रद्धालुओं ने इसे संत रविदास के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बताते हुए एक नई और सार्थक परंपरा की शुरुआत बताया।
संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस अमृतसर स्थित संत रविदास की तपोस्थली छेराहटा और वाराणसी स्थित उनकी जन्मस्थली के बीच संचालित की जा रही है। यह रेल सेवा संत रविदास से जुड़े दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों को सीधे जोड़ती है, जिससे देशभर के श्रद्धालुओं को यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही जौनपुर सहित पूर्वांचल के आम यात्रियों को भी इस नई रेल सेवा का लाभ प्राप्त होगा।
जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर संत रविदास समाज के लोगों ने पारंपरिक तरीके से ट्रेन का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर और उत्साह के साथ ट्रेन की अगवानी की। इस दौरान स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व और आस्था का विषय है।
स्वागत समारोह में पलटू राम ने कहा कि संत रविदास के नाम पर शुरू की गई यह रेल सेवा सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी, बल्कि जौनपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों को भी बेहतर रेल संपर्क का लाभ मिलेगा।
संत रविदास समाज के लोगों का कहना था कि जिस महान संत के नाम पर यह ट्रेन शुरू की गई है, उसके स्वागत का पहला अधिकार उनके अनुयायियों का है। इसी भावना के साथ समाज के लोगों ने राजनीतिक मंच से अलग हटकर स्वयं ट्रेन की अगवानी की और संत रविदास के प्रति अपनी गहरी आस्था एवं सम्मान का परिचय दिया।


