शिक्षकों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल (टीएफसी) से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा कस्तूरबा विद्यालयों के कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 25 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूते, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए 1,200 रुपये प्रति छात्र की धनराशि भी हस्तांतरित की। इसके साथ ही प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
सरकार के अनुसार, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वाराणसी जिले के 1,145 विद्यालयों के 12,407 तथा पूरे वाराणसी मंडल के 7,417 विद्यालयों में कार्यरत 66,205 पात्र शिक्षक और कर्मचारी इस योजना के दायरे में आएंगे। वहीं, वाराणसी जनपद के 1,54,634 विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी डीबीटी योजना का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी उपस्थित रहीं।

