जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी मनीष यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दोषी मनीष यादव जफराबाद थाना क्षेत्र के शिवपुर जमैथा का निवासी है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाए। इस मामले में पीड़िता के मामा ने 8 सितंबर 2024 को जफराबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार, 15 वर्षीय पीड़िता अपने नाना के साथ रहती थी, जबकि उसके मामा-मामी हरियाणा में रहते थे। मार्च 2024 में जब पीड़िता घर में सोई हुई थी, तभी मनीष यादव वहां आया। उसने पीड़िता का मुंह दबाकर जबरन छत पर ले जाकर दुष्कर्म किया।
आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह उसके नाना को मार देगा। इस डर से पीड़िता ने किसी को कुछ नहीं बताया और आरोपी लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब पीड़िता की मामी हरियाणा से घर आईं, तब पीड़िता ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। सूचना मिलने पर मामा भी घर आए और जफराबाद थाने में घटना की जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज किए। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़िता गर्भवती हो गई थी और उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मनीष यादव को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास

