मुंगराबादशाहपुर। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक प्रेम प्रसंग नाबालिग किशोरी के घर छोड़ने की वजह बन गया। हालांकि मुंगराबादशाहपुर पुलिस की तत्परता और सटीक कार्रवाई के चलते किशोरी को महज 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों को भी पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।
नगर के कटरा मोहल्ला स्थित राधेश्याम कॉलोनी निवासी एक नाबालिग किशोरी की कुछ माह पूर्व इंस्टाग्राम के माध्यम से बाराबंकी निवासी मनीष कुमार से पहचान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत होती रही, जो धीरे-धीरे मोबाइल कॉल और फिर प्रेम प्रसंग में बदल गई। बीते शनिवार शाम किशोरी अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने काफी तलाश के बाद जब उसका कोई पता नहीं लगाया तो पुलिस को तहरीर देकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
मामले की जांच शुरू होने पर पुलिस को पता चला कि किशोरी मनीष के साथ जंघई जंक्शन तक पहुंची थी। वहां से दोनों प्रयागराज होते हुए मुंबई चले गए, जहां आरोपी का दोस्त राकेश रहता था। नाबालिग के लापता होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा ने तत्काल विशेष अभियान शुरू कराया।
सीओ प्रतिमा वर्मा के निर्देशन में मुंबई, दिल्ली और लखनऊ के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं। सर्विलांस टीम ने मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर किशोरी की मौजूदगी मुंबई में चिन्हित की। पहली टीम मुंबई पहुंची और वहां आरोपी के दोस्त राकेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में जानकारी मिली कि मनीष किशोरी को लेकर दिल्ली की ओर रवाना हो गया है।
इसके बाद दूसरी टीम दिल्ली भेजी गई। इसी दौरान तकनीकी निगरानी के माध्यम से प्रेमी युगल की नई लोकेशन लखनऊ में मिली। सूचना मिलते ही सीओ प्रतिमा वर्मा ने जीआरपी लखनऊ से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया। जीआरपी ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद तीसरी पुलिस टीम लखनऊ पहुंची और किशोरी तथा आरोपी को अपने कब्जे में लेकर जौनपुर लाई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार किशोरी पूरी तरह सुरक्षित है और उसका मेडिकल परीक्षण तथा अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आरोपी मनीष कुमार को पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
घटना के दौरान नगर में कुछ लोगों द्वारा भ्रामक अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास भी किया गया। लेकिन जांच में आरोपी की पहचान स्पष्ट होने और पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद अफवाहों पर विराम लग गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या झूठी अफवाह फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सीओ प्रतिमा वर्मा और थानाध्यक्ष अश्विनी दूबे ने बताया कि मामले में अफवाह फैलाने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ साक्ष्य मिलने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
किशोरी की सकुशल बरामदगी और त्वरित कार्रवाई से राहत महसूस कर रहे परिजनों ने पुलिस टीम की सराहना की है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की सक्रियता और पेशेवर कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए इसे एक बड़ी सफलता बताया है।


