जौनपुर। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया।
समीक्षा के दौरान एक विभाग द्वारा निस्तारित प्रकरण को दूसरे विभाग के अधिकारी को हस्तांतरित कर उसकी गुणवत्ता की जांच कराई गई तथा फीडबैक प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का स्वयं अवलोकन करें और उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय जांच आवश्यक हो, उनमें संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें तथा जियो-टैग फोटो सहित जांच आख्या प्रस्तुत करें। आवश्यकता पड़ने पर स्पॉट मेमो भी उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


