डिप्रेशन का किया जिक्र, पुलिस ने जांच शुरू की
जौनपुर। केराकत तहसील क्षेत्र के नरहन गांव में गुरुवार दोपहर एक 19 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है।
मृतक की पहचान अतुल निषाद (19) पुत्र राजेश निषाद निवासी नरहन के रूप में हुई है। वह अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। परिवार के अनुसार अतुल कुछ समय से दिल्ली में अपनी बुआ के यहां रहकर काम करता था और हाल ही में घर लौटा था। उसके पिता राजेश निषाद दुबई में रहते हैं।
परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह अतुल ने अपनी बहन से खाना न बनाने की बात कही थी। दोपहर में घर आने के बाद वह अपने कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर उसकी छोटी बहन अंशिका को संदेह हुआ। खिड़की से झांकने पर उसने देखा कि अतुल छत के पंखे से गमछे के सहारे फंदे पर लटका हुआ है। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिवार के मुताबिक, कमरे से एक कॉपी भी मिली जिसमें कथित रूप से सुसाइड नोट लिखा हुआ था। इसमें अतुल ने मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) का उल्लेख करते हुए अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराने की बात लिखी थी। साथ ही उसने शंकर वन स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा भी जताई थी। पुलिस ने उक्त नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अतुल को सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन का शौक था। उसके पास डिजिटल कैमरा और लैपटॉप भी था, जिनकी मदद से वह इंस्टाग्राम पर रील और वीडियो बनाकर साझा करता था। हालांकि आत्महत्या के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को फंदे से उतरवाकर कब्जे में लिया और पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।
यदि कोई व्यक्ति लगातार उदासी, निराशा या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा हो, तो उसे परिवार, मित्रों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत सहायता लेनी चाहिए। समय पर मिला सहयोग जीवन बचा सकता है।


