पांच घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल करने का अल्टीमेटम, अन्यथा बड़े आंदोलन की चेतावनी
जौनपुर। जिले में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था और पिछले कई दिनों से हो रही अघोषित कटौती के विरोध में शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिंह एवं शहर अध्यक्ष आरिफ़ ख़ान के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पिछले पांच दिनों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को पांच घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जौनपुर की जनता कई दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर है, जबकि प्रशासन समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि जब उपभोक्ता समय से बिजली बिल का भुगतान करते हैं तो उन्हें निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलना उनका अधिकार है। यदि पांच घंटे के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।
शहर अध्यक्ष आरिफ़ ख़ान ने कहा कि बिजली संकट के कारण लोगों को पेयजल, व्यापार और दैनिक जीवन से जुड़ी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।
इस दौरान रौजा अर्जन वार्ड के सभासद सहनवाज मंजूर ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच रहा है।
प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं और नागरिकों का भारी आक्रोश देखने को मिला। कांग्रेस नेतृत्व ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित पांच घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो जिलेभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल प्रशासन को चेतावनी देकर धरना स्थगित कर दिया गया। कार्यक्रम में प्रदेश सचिव सत्यवीर सिंह, इरशाद ख़ान, राकेश सिंह डब्बू, देवराज पांडेय, राजकुमार निषाद, जैद सिद्दीकी, नसरीन, मुन्ना, मसूद अहमद, अजीज खान, शाहिना बेगम, परवीन, सुल्तान, मो. ताहिर, इकबाल समेत बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।


