जौनपुर। मछलीशहर तहसील के आदर्श ग्राम बामी में इस वर्ष महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन अत्यंत भव्य और भावनात्मक रूप से विशेष रहा। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि संस्कार, सम्मान और शौर्य की विरासत को समर्पित अवसर बन गया।
स्वर्गीय राम बहादुर सिंह की स्मृति में उनके पौत्र संजीव सिंह ने गांव के प्रवेश द्वार पर एक भव्य गेट का निर्माण कराया है। इस गेट के शीर्ष पर महाराणा प्रताप की अपने अश्व चेतक पर सवार भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो दूर से ही स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश देती है।
प्रताप सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मंच से महाराणा प्रताप के साहस, मातृभूमि के लिए उनके संघर्ष और चेतक की स्वामिभक्ति का वर्णन किया गया, जिससे पूरा वातावरण वीर रस से भर गया।
संजीव सिंह ने भावुक होकर बताया कि बचपन में उनके दादा राम बहादुर सिंह उन्हें महाराणा प्रताप की कहानियां सुनाते थे। उन्हीं संस्कारों और प्रेरणा के कारण उन्होंने यह भव्य गेट बनवाया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन आदर्शों को याद रखें।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद और भाजपा नेता जगदीश सोनकर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में कविताओं और वीर रस से भरी प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी गरिमामय बना दिया। ग्रामीणों, बुजुर्गों और युवाओं में इस आयोजन को लेकर उत्साह और गर्व देखने को मिला।
अब यह प्रवेश द्वार सिर्फ एक निर्माण नहीं, बल्कि महाराणा प्रताप के शौर्य और पारिवारिक संस्कारों की प्रेरणादायक पहचान बन गया है।

