जौनपुर – जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा दुर्घटना संभावित स्थलों का चिन्हांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं का प्रत्येक माह ऑडिट कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिससे कारणों का विश्लेषण कर प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए तथा आवश्यक स्थानों पर रिफ्लेक्टर एवं संकेतक लगाए जाएं। साथ ही इलेक्ट्रिक पोल, पेड़ों तथा ट्रकों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि ओवरएज (आउट ऑफ एज) वाहनों की पहचान कर उन्हें स्क्रैप करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित हो तथा दुर्घटना की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे, जिससे घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
जिलाधिकारी ने डग्गामार वाहनों, अवैध खनन में लिप्त वाहनों एवं हाईवे पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वाहनों में फर्स्ट एड किट की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाए।
एआरटीओ को कड़े निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने काली फिल्म लगे वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने तथा मोटर व्हीकल एक्ट का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, नगर मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


