खेतासराय (जौनपुर)। खेतासराय पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को संगठित कर मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को थाना परिसर में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में पुलिस ने ऐसे युवाओं और सोशल मीडिया ग्रुपों के संचालकों को कड़ी चेतावनी दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने कहा कि पुलिस उन सोशल मीडिया ग्रुपों पर विशेष निगरानी रख रही है, जिनके एक संदेश पर बड़ी संख्या में युवक इकट्ठा होकर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति और गैंग जैसी मानसिकता को देखते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
पुलिस के अनुसार अब तक ‘महाकाल’, ‘राउडी’ और ‘002’ जैसे 40 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया ग्रुपों के संचालकों और सदस्यों को चिन्हित किया गया है। इनकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। यदि किसी भी व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे लोगों को पुलिस के आपराधिक रिकॉर्ड में भी शामिल किया जा सकता है।
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के निर्देश पर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक लगभग 40 युवाओं की पहचान की जा चुकी है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उपस्थित युवाओं और नागरिकों को चेतावनी देते हुए पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग कानून व्यवस्था को प्रभावित करने, भय का माहौल बनाने या क्षेत्र में दबदबा कायम करने के लिए करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने युवाओं से ऐसे ग्रुपों और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की।
पीस कमेटी की बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष वसीम अहमद, जगदंबा प्रसाद पांडेय, शांतिभूषण मिश्रा, रूपेश गुप्ता (मोनू), इलियास मोनू खान, अमित सोनकर, संजय विश्वकर्मा, सफर शेख, राकेश यादव सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।


