जौनपुर। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को जौनपुर में गोभक्तों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा। अभियान के तहत गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने सहित 30 से अधिक मांगें उठाई गईं।अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले छह माह से देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों सहित ज्ञापन सौंपा गया था। मांगों पर निर्णय न होने के बाद द्वितीय चरण में देशभर के सभी जिलों से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित अनुस्मारक प्रार्थना-पत्र शासन को भेजा गया।जौनपुर में भी गोभक्तों ने लगभग पांच लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रेषित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गोपूजन, शंखनाद और सामूहिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके बाद गोभक्तों ने झंडे, बैनर और प्लेकार्ड के साथ शांतिपूर्ण प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम और गोमाता की झांकी भी शामिल रही। अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा सरकार से संबंधित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा की गई। कार्यक्रम में 1008 योगीराज पागल बाबा महंत संकट मोचन हनुमान मंदिर, पवन मिश्रा, डॉ. अमरनाथ पांडे, अजीत प्रताप प्रजापति, सुनील मौर्य, शैलेंद्र, विधु प्रकाश शुक्ला, राखी सिंह, किरण सिंह, खुशी सिंह, सरिता सिंह, बिट्टू किन्नर, अवधेश मौर्य, राज दुबे, राज तिवारी, राज यादव, अमन यादव, अमन श्रीवास्तव,आशीष मिश्र, सुनील शर्मा सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, किसान, व्यापारी और बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।


