जौनपुर, 04 अगस्त। शहर के मौला अलीघाट, मुफ़्ती मोहल्ला में 20 सफ़र के मौके पर निकाला जाने वाला ऐतिहासिक दरिया वाला जुलूस मंगलवार को पूरी अकीदत, ग़म और शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया।
जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस का आगाज़ मरहूम नज़र हसन एडवोकेट के हमनवा जनाब सैय्यद मेहदी जैदी की सोज़ख़्वानी से हुआ। इसके बाद हुज्जतुल इस्लाम मौलाना महफ़ूज़ुल हसन ख़ाँ क़िब्ला (प्रिंसिपल नासिरिया अरबी कॉलेज एवं इमाम-ए-जुमा, जौनपुर) ने मजलिस को ख़िताब करते हुए कर्बला के पैग़ाम, सब्र, इंसाफ़ और शोहदाए कर्बला की अज़ीम कुर्बानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की नक़ाबत मौलाना ज़ीशान आज़मी (शान) ने की, जबकि मौलाना हसन अकबर ख़ाँ रन्नवी ने तक़रीर पेश की। पेशख़्वानी की ख़िदमत मौलाना बाक़र मेहदी, जनाब असलम नक़वी, एजाज़ जौनपुरी तथा ज़ैन मिर्ज़ापुरी ने अंजाम दी। मशहूर नौहाख़्वां जनाब अली मूसा ने दर्दभरे नौहे पेश किए, जिस पर अकीदतमंदों ने पुरसा दिया और मातम किया।
मजलिस के बाद नौहाख़्वानी और मातम के बीच मौला अलीघाट, मुफ़्ती मोहल्ला से ऐतिहासिक दरिया वाला जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से रवाना हुआ। “या हुसैन” और “ऐ हुसैन” की सदाओं से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। महिलाओं, पुरुषों, बुज़ुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में जुलूस में शिरकत की। रास्ते भर जगह-जगह जुलूस का इस्तकबाल किया गया तथा अकीदतमंदों की ओर से सबीलों का भी इंतज़ाम किया गया।
जुलूस के समापन पर चेहलुम की रस्मों के तहत पारंपरिक रूप से ताबूत व अन्य प्रतीकों को मौला अलीघाट पर अकीदत के साथ दरिया में सुपुर्द किया गया। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
अंत में अंजुमन सज्जादिया (रजि.), अली कमेटी, हुसैन कमेटी, अब्बास कमेटी एवं अहले मोहल्ला की ओर से जुलूस में शामिल तमाम मोमिनीन का शुक्रिया अदा किया गया। अंजुमन सज्जादिया (रजि.) के सदर हुसैन रज़ा (मीसम), जनरल सेक्रेटरी हसन ज़ाहिद ख़ान (बाबू), नायब सदर हाजी मोहम्मद मेहदी, ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. ज़फ़र आब्दी, ख़ज़ानची रौनक़ अब्बास तथा मीडिया प्रभारी आबिश इमाम (सनी) ने जुलूस को सफल बनाने में सहयोग देने वाले तमाम मोमिनीन, उलमा-ए-किराम, ज़ाकिरीन, नौहाख़्वानों, मातमी अंजुमनों, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा कार्यक्रम का कवरेज करने वाले पत्रकार अनवर हुसैन, आमिर अब्बास, इमरान, अजीत बादल एवं उमेश गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया।


