जौनपुर (खेतासराय)। 1 मई को हुए चर्चित दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब तक एक आरोपी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि भोले राजभर और प्रदीप बिंद अभी भी फरार हैं।
इधर, मृतक की बहन सौम्या बिंद लगातार प्रशासन से मिलकर न्याय की गुहार लगा रही हैं। बुधवार को उन्होंने जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. से मुलाकात कर अपनी आशंका व्यक्त की कि फरार आरोपी अदालत में आत्मसमर्पण कर सकते हैं, जिससे मामले में देरी और जटिलता बढ़ सकती है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह एक आरोपी का एनकाउंटर हुआ है, उसी तरह बाकी आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
सौम्या बिंद ने कहा कि किसी भी स्थिति में आरोपियों को राहत नहीं मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार को लंबे समय तक न्याय के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने मामले में किसी भी प्रकार के जातिगत एंगल को जोड़ने से भी इनकार किया और कहा कि यह केवल एक आपराधिक मामला है।
पुलिस की कार्रवाई तेज
दूसरी ओर पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें कई स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों की ओर से अदालत में सरेंडर से जुड़ी अर्जी दाखिल किए जाने की भी चर्चा है, जिसके बाद निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
सीमावर्ती जिलों में भी पुलिस अलर्ट मोड पर है। हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों पर भी नजर रखी जा रही है और उनसे पूछताछ जारी है। प्रशासन की ओर से आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट और रासुका लगाने की तैयारी भी की जा रही है।
पुलिस की नई रणनीति
पुलिस अधीक्षक कुवर अनुपम सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए रवि यादव तक पहुंचने की जिस रणनीति का इस्तेमाल किया गया था, उसी मॉडल को अब अन्य दो आरोपियों तक पहुंचने के लिए भी लागू किया जाएगा। इसके लिए गठित 10 पुलिस टीमों को पुनर्गठित कर नए सिरे से सक्रिय किया गया है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।


