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    ड्रिप सिंचाई से बैंगन की खेती में बढ़ी उत्पादकता

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    उन्नत तकनीक अपनाकर किसान की आय में हुआ उल्लेखनीय इजाफा

    जौनपुर। डोभी विकासखंड के पूरनपुरम गांव निवासी प्रगतिशील किसान रमाशंकर सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर बैंगन की खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली से खेती कर क्षेत्र के किसानों के लिए मिसाल पेश की है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में रमाशंकर सिंह ने 0.93 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से बैंगन की खेती की। इस परियोजना के लिए उन्हें 1,23,480 रुपये का सरकारी अनुदान मिला। उन्होंने पौधों की 1.2×0.4 मीटर की दूरी पर वैज्ञानिक तरीके से रोपाई कर आधुनिक कृषि तकनीक का उपयोग किया।

    पारंपरिक खेती में जहां प्रति हेक्टेयर 300 से 400 क्विंटल तक उत्पादन होता था, वहीं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने से उत्पादन बढ़कर 600 से 700 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गया। इससे फसल की गुणवत्ता में सुधार के साथ किसान की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पारंपरिक खेती की तुलना में लगभग 4.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त शुद्ध आय अर्जित होने का अनुमान है।

    ड्रिप सिंचाई प्रणाली से पौधों की जड़ों तक सीधे पानी और घुलनशील उर्वरक पहुंचाए जाते हैं। इससे पानी की बचत, उर्वरकों का बेहतर उपयोग, खरपतवार में कमी, श्रम लागत में कमी और पौधों का समान विकास सुनिश्चित होता है। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन और लाभ दोनों में वृद्धि होती है।

    प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ का यह सफल उदाहरण बताता है कि आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

    जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने जनपद के किसानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उपलब्ध अनुदान और आधुनिक सिंचाई तकनीकों का अधिकाधिक लाभ उठाकर वैज्ञानिक खेती अपनाएं। इससे जल संरक्षण के साथ उत्पादन और आय में भी वृद्धि की जा सकती है।

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